मौत का देखना है अब मंज़र फ़रवरी में गुलाब बेचूंगा
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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जंग या मुहब्बत में है अगर जो सब जायज़ क़त्ल करते हम उन का शा'इरी नहीं करते
Kuldeep Tripathi KD
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इश्क़ है जाने क्या क्या सिखा देता है पहले लगता था पंखा हवा देता है दूसरे इश्क़ से हम ने समझा यही ज़ख़्म मरहम से ख़ुद ही मिला देता है
Kuldeep Tripathi KD
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मौत आई तो डाँट खाएगी इतनी भी कोई देर करता है
Kuldeep Tripathi KD
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बेटा हो या हो बेटी बराबर हैं सब याद तब आया जब उन को बेटी हुई
Kuldeep Tripathi KD
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कल वो मुझ को छोड़ देगी और फिर मैं बता सकता नहीं परसों का दुख
Kuldeep Tripathi KD
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