मेरे सुख़न से लतीफ़े तराशे लोगों ने कि ज़हर भी तो हँसी में उगल रहे हैं लोग इसी में रेख़्ता अब ख़ैर है कि ख़ार बनो वो देखो फूलों को कैसे मसल रहे हैं लोग
Related Sher
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
126 likes
उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
285 likes
आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे
Ahmad Faraz
90 likes
More from Rekhta Pataulvi
रेख़्ता हाथ में ज़मीं भी नहीं बात करते हो आसमानों की
Rekhta Pataulvi
1 likes
मेरे क़ुसूर वहाँ बात बात पर निकले वो कैसी बज़्म थी ग़द्दार मो'तबर निकले
Rekhta Pataulvi
1 likes
एक आलम की नज़रें हैं मुझ पर और मेरे जाम में ज़रा सी है
Rekhta Pataulvi
1 likes
था झूठा वा'दा मगर ए'तिबार हम ने किया तमाम रात तेरा इंतिज़ार हम ने किया
Rekhta Pataulvi
2 likes
ख़ुदा ने मुहाफ़िज़ बनाया है इनको सताएँ न फ़ूलों को, ख़ारों से कह दो
Rekhta Pataulvi
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rekhta Pataulvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Rekhta Pataulvi's sher.







