रेख़्ता हाथ में ज़मीं भी नहीं बात करते हो आसमानों की
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मेरे क़ुसूर वहाँ बात बात पर निकले वो कैसी बज़्म थी ग़द्दार मो'तबर निकले
Rekhta Pataulvi
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महफ़िल में कौन आया है साग़र लिए हुए इक ख़ास कैफ़ियत का समुंदर लिए हुए
Rekhta Pataulvi
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महफ़िल में कौन आया है सागर लिए हुए इक ख़ास कैफ़ियत का समुंदर लिए हुए
Rekhta Pataulvi
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हज़ारों आंधियाँ तूफ़ान आए और गए यारो चराग़-ए-रेख़्ता मद्धम सही पर अब भी जलता है
Rekhta Pataulvi
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दस्तूर बन रहे हैं बड़ी धूमधाम से साज़िश भी हो रही है बड़े एहतिमाम से
Rekhta Pataulvi
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