मेरी चाहतों की तपिश तुझे, कभी आँच बनके निखारती तेरा जिस्म सोने का था मगर, मेरे हाथ से ये हुनर गया
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी
Javed Akhtar
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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वो बिकाऊ नहीं उस की कोई मजबूरी है पेट की भट्टी का ईंधन ही बहुत महँगा है
Moni Gopal Tapish
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ज़ख़्म फिर हँस दिया पुराना कोई आज अश्कों ने फिर बग़ावत की
Moni Gopal Tapish
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रात फिर आँखों की धरती देर तक जलती रही देर तक अश्कों का सावन टूट कर बरसा किया
Moni Gopal Tapish
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तू कि रौशन दिए की महक की तरह,सर्द रातों के दिल में लहकता हुआ मैं कि सूरज का टुकड़ा मगर बुझ गया, शाम के दर पे आख़िर सिसकता हुआ
Moni Gopal Tapish
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तेरी रफ़्तार गुफ़्तार के शोख़ क़िस्से क़लम कर लिए तेरी बख़्शी हुई नेमतों में तेरा ग़म अकेला रहा
Moni Gopal Tapish
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