मेरी दुनिया जिस में सिमट जाती थी तो अब उस के कानों में बाली न हो
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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वो अर्से के बा'द फिर मिले मुझ को यूँँ सफ़्हे में गुलाब जैसे पाया जाए
Hrishita Singh
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उस का ग़म मुझ पर तारी है अब तक हस्ती ये जारी है आमद हो जानी है उस की जिस के आने तैयारी है
Hrishita Singh
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और सब कुछ हासिल हो जाए फिर भी कुछ तो अक्सर बाक़ी रह जाता है
Hrishita Singh
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मैं तो कमज़र्फ़ हूँ और तू है ज़की लोगों ने मेरा सच फिर तो बातिल किया
Hrishita Singh
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इक जुस्तजू दीदार के तेरे सिवा कुछ भी नहीं ऐसा नहीं उन रास्तों पर अब रुका मैं ही नहीं ज़द में किसी दीवार के उलझी रही हो रौशनी कमरे में मेरे रौशनी भी अब बसर करती नहीं
Hrishita Singh
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