नन्ही कोमल कलियाँ जब भी सँवारी जाएँगी बेटा बनकर इक दिन सब के ख़्वाब सजाएँगी चार किताबें पढ़ने दो हर घर की बेटी को कोख से बच आई हैं दहेज से भी बच जाऍंगी
Related Sher
बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर माँ सब से कह रही है कि बेटा मज़े में है
Munawwar Rana
54 likes
जो तुम्हें मंज़िल पे ले जाएँगी वो राहें अलग हैं मैं वो रस्ता हूँ कि जिस पर तुम भटक कर आ गई हो
Harman Dinesh
71 likes
बाग़बाँ कलियाँ हों हल्के रंग की भेजनी हैं एक कम-सिन के लिए
Ameer Minai
26 likes
इक महकते गुलाब की ख़ातिर सारी कलियाँ कुचल रहे हैं दोस्त
Shahzan Khan Shahzan'
5 likes
अक़्लमंदों के बस की बात नहीं इश्क़ अन्धों का खेल है बेटा
Shadab Asghar
26 likes
More from Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
उस रस्ते को ही छोड़ आया मैं तो फिर से रस्ते में आ गई मुहब्बत
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
तिरी ख़ुशी के ख़ातिर जो लड़का मर मिटता हो मंदिर मस्जिद हर इक चौखट चौखट फिरता हो वो लड़का क्या लड़की की आबरू से खेलेगा जो पहली औलाद की ख़्वाहिश बेटी रखता हो
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
कुछ लोगों की सोच में भी जाले होते हैं उन लोगों के तो दिल भी काले होते हैं अक्सर मुझ को साँप वही डसते हैं आ कर जो मैं ने आस्तीन में पाले होते हैं
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
तेरी तस्वीर जब वो दिखाने लगे हम भी धीरे से फिर मुस्कुराने लगे होश खो ही दिया देख कर के तुझे एक लम्हे में हम यूँँ ठिकाने लगे
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
समेटती है मिरे बिखरने पर मुझ को मेरी ताक़त मेरी हिम्मत वो लड़की
Saurabh Chauhan 'Kohinoor'
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saurabh Chauhan 'Kohinoor'.
Similar Moods
More moods that pair well with Saurabh Chauhan 'Kohinoor''s sher.







