पराए शहर में मरने से ये तो ठीक ही है कि अपने शहर में ज़िंदा रहें हम मुफ़लिसी में
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
More from Saarthi Baidyanath
ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी मैं मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ
Saarthi Baidyanath
0 likes
उस को जादूगरी दिखानी है मुझ को जादू में उस के खोना है
Saarthi Baidyanath
0 likes
तुम्हीं बताओ हमें इस में क्या ख़राबी है अजी नवाब हैं हम शौक़ भी नवाबी है
Saarthi Baidyanath
0 likes
वतन के वास्ते सबके फ़राइज़ हैं वतन की बात करना भी ज़रूरी है
Saarthi Baidyanath
0 likes
वो मेरे जेब की घड़ी तो है पर मेरी बात मानती ही नहीं
Saarthi Baidyanath
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saarthi Baidyanath.
Similar Moods
More moods that pair well with Saarthi Baidyanath's sher.







