पता चलने न देना तुम किसी को ये कभी बातें अगर पूछे अचानक कोई तुम सेे "कौन सी बातें"
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ज़िन्दगी बर्बाद होती है ख़ुशी को ढूँढ़ते गर निकलते ढूँढ़ने दुख को, मिली होती ख़ुशी
Zain Aalamgir
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ज़िंदा रहा मैं आज भी यारों ग़ज़ब की बात है मज़लूम है बख़्शा गया क्या ख़ूब-सूरत रात है
Zain Aalamgir
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ये सोच मत जो जिस्म बिन कपड़ा दिखूँ मैं घूमता ज़ख़्मी फिरूँ हर सू मगर मुझ पर दु'आओं का करम
Zain Aalamgir
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ये शहर शोर-शराबा बहुत सुनाता है मगर पुकारूँ किसे तो सुकूत काफ़ी है
Zain Aalamgir
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ये क्या कि बाहें है खुली तेरी मगर हूँ मौत का भी यार होने जा रहा
Zain Aalamgir
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