रातें छत पर रोते रोते कटती हैं सब कहते है देर सवेरे उठता हूँ
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ख़्वाबों को देखने से मिला कुछ नहीं मुझे लेकिन शब-ए-ज़ुल्मत से गिला कुछ नहीं मुझे
Ravi 'VEER'
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शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए
Ravi 'VEER'
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मैं भला कब तक तेरी तस्वीर ही देखा करूँँ तू कभी तो रु-ब-रु होकर मुझे आराम दे
Ravi 'VEER'
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इश्क़ पर जब शे'र लिखने बैठता हूँ आजकल मुस्कुराते लब मेरे हैं आँख रोती है मेरी
Ravi 'VEER'
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आज ही तुझ को भुला दूँ मैं मगर ये याद रख फिर कहीं मिल जाऊँ तो मुड़कर मुझे ना देखना
Ravi 'VEER'
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