sherKuch Alfaaz

रस्ते से मुड़ जाया कर रोज़ न मिलने आया कर पिज़्ज़ा बरगर खा ले पर जानम भाव न खाया कर मेरे लिए इतना ही कर याद हमेशा आया कर धूप में बन के बादल तू राहत वाली छाया कर तन्हाई में जब तुझ को सोचूँ तू आ जाया कर

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो

Tehzeeb Hafi

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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए

Jaun Elia

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एक आवाज़ कि जो मुझ को बचा लेती है ज़िन्दगी आख़री लम्हों में मना लेती है जिस पे मरती हो उसे मुड़ के नहीं देखती वो और जिसे मारना हो यार बना लेती है

Ali Zaryoun

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इशारा कर रहे हैं बाल ये बिखरे हुए क्या तू मेरे पास आया है कहीं होते हुए क्या ये इतना हँसने वाले इश्क़ में टूटे हुए लोग तू इन से पूछना अंदर से भी अच्छे हुए क्या

Kushal Dauneria

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