रो रहा हूँ बैठ कर तन्हाई में कितना बेबस मैं दिवाना हो गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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वो अगर चाहे तो मुझ को छोड़ सकता है मगर आख़िरी दम तक उसे मैं छोड़ने वाला नहीं
Kumar Aryan
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टूट कर मैं किसी को चाहूँगा और फिर टूट कर मर जाऊँगा
Kumar Aryan
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ज़िन्दगी तेरी कहानी में मुझे रोज़ जीना रोज़ मरना पड़ता है
Kumar Aryan
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यार घुट-घुट के मरना नहीं चाहता मारना ही है तो जान से मार दे
Kumar Aryan
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रोटियाँ वक़्त पे जुटाने को जान आफ़त में डाल लीं हम ने
Kumar Aryan
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