सभी रस्म-ओ-रिवाजों से परे 'अंचल' चलो ऐसी भी इक दुनिया बसाते हैं
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें
Rahat Indori
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सभी से राज़ कह देता हूँ अपने न जाने क्या छुपाना चाहता हूँ
Shariq Kaifi
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे अब इंतिज़ार आप का कोई करे! करे! मैं ने तो यूँँ ही अपनी तबीयत सुनाई थी तुम तो लगीं सफाइयाँ देने, अरे! अरे!
Balmohan Pandey
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उन से कह दो के वो अब बाम पे आया न करें कितने लोगों को वो बर्बाद किया करते हैं
Anchal Maurya
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यारों मैं भीम भी तो हुआ करता था मगर पंछी की आँख ने मुझे अर्जुन बना दिया
Anchal Maurya
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काश ये ज़िंदगी फिर वहीं ले चले अजनबी हम जहाँ पर रहे थे कभी
Anchal Maurya
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ये जो तुम मुहब्बत मुहब्बत किए जा रहे हो तो फिर तुम बता दो ये मुझ को कि क्या है मुहब्बत
Anchal Maurya
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तू ने छोड़ा छूट गया ये मुँह फेरा फिर रूठ गया ये इक नाज़ुक सा दिल था मेरा जब तोड़ा तब टूट गया ये
Anchal Maurya
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