saikdon rangon ki barish ho chukegi us ke baad itr mein bhigi hui shamon ka manzar aaega
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ वो शख़्स सालों बा'द भी कितना हसीन है वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ
Kushal Dauneria
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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ये कभी मिलने चले आऍंगे सदियों बा'द भी वक़्त के पन्नों में कुछ लम्हात रख कर देखिए
nakul kumar
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'नबील' इस इश्क़ में तुम जीत भी जाओ तो क्या होगा ये ऐसी जीत है पहलू में जिस के हार चलती है
Aziz Nabeel
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मैं छुप रहा हूँ कि जाने किस दम उतार डाले लिबास मुझ को
Aziz Nabeel
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वो एक राज़ जो मुद्दत से राज़ था ही नहीं उस एक राज़ से पर्दा उठा दिया गया है
Aziz Nabeel
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नबील' ऐसा करो तुम भी भूल जाओ उसे वो शख़्स अपनी हर इक बात से मुकर चुका है
Aziz Nabeel
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तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है
Aziz Nabeel
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