sham hote hi khuli sadkon ki yaad aati hai sochta roz hun main ghar se nahin niklunga
Related Sher
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
238 likes
आज इक और बरस बीत गया उस के बग़ैर जिस के होते हुए होते थे ज़माने मेरे
Ahmad Faraz
90 likes
हम पे एहसान हैं उदासी के मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
87 likes
More from Shahryar
न ख़ुश-गुमान हो इस पर तू ऐ दिल-ए-सादा सभी को देख के वो शख़्स मुस्कुराता है
Shahryar
15 likes
तमाम उम्र का हिसाब माँगती है ज़िंदगी ये मेरा दिल कहे तो क्या कि ख़ुद से शर्मसार है
Shahryar
0 likes
है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार' तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए
Shahryar
23 likes
दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढ़े पत्थर की तरह बेहिस ओ बेजान सा क्यूँँ है
Shahryar
26 likes
या तेरे अलावा भी किसी शय की तलब है या अपनी मोहब्बत पे भरोसा नहीं हम को
Shahryar
27 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shahryar.
Similar Moods
More moods that pair well with Shahryar's sher.







