sochta hun ki us se bach niklun bach nikalne ke ba'd kya hoga
Related Sher
सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा
Rahat Indori
121 likes
यार बिछड़ कर तुम ने हँसता बसता घर वीरान किया मुझ को भी आबाद न रक्खा अपना भी नुक़्सान किया
Ali Zaryoun
122 likes
दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
Zia Mazkoor
91 likes
धूप पड़े उस पर तो तुम बादल बन जाना अब वो मिलने आए तो उस को घर ठहराना। तुम को दूर से देखते देखते गुज़र रही है मर जाना पर किसी गरीब के काम न आना।
Tehzeeb Hafi
122 likes
कितना महफ़ूज़ हूँ मैं कोने में कोई अड़चन नहीं है रोने में मैं ने उस को बचा लिया वरना डूब जाता मुझे डुबोने में
Fahmi Badayuni
98 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sarvat Husain.
Similar Moods
More moods that pair well with Sarvat Husain's sher.







