तुझ को खोने की आँधी में जब मन बुझ सा जाता तो फिर दिल को मैं सुलगाता हूँ, हाँ ये ग़लती मेरी है बात हुई? कैसी है वो? कुछ पूछा मेरे बारे में? बस इनको ही दोहराता हूँ, हाँ ये ग़लती मेरी है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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आज़माने में यही ख़तरा रहा है कल जो अपना था कहाँ अपना रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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बस मोहब्बत बाँटने का ये असर हम पर हुआ वो हमीं हैं जो किसी के भी पसंदीदा नहीं
Divya 'Kumar Sahab'
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लोग यहाँ पर आएँगे तो रंग लगाने मुझ को फिर भी शायद रंगों में लिपटा इक हाथ तुम्हार हो सकता था दो बच्चों ने मल मल कर जब रंग लगाया इक दूजे को दोस्त यही लगता है ऐसा साथ हमारा हो सकता था
Divya 'Kumar Sahab'
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जिस दिन भूख कचोटेगी तुम तब जानोगे इक दाने का मतलब क्या क्या हो सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
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जितना ख़ुश रहते हैं हम उतना है जीवन सारा जीवन भी इक लम्हा हो सकता है
Divya 'Kumar Sahab'
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