तुम को न देखने की क़सम खा चुके तो हैं तुम को न चाहने की क़सम कैसे खाएं हम
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
More from Saarthi Baidyanath
ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी मैं मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ
Saarthi Baidyanath
0 likes
ये सूझ- बूझ नहीं आती सिर्फ़ पैसों से बग़ैर पैसों के भी सूझ- बूझ आती है
Saarthi Baidyanath
0 likes
वक़्त सारा सर्कसों में जा रहा है दिन हमारा दफ़्तरों में जा रहा है
Saarthi Baidyanath
0 likes
वक़्त के हाथ-पैर बाँध सकूँ ऐसी ज़ंजीर हो तो ले आओ
Saarthi Baidyanath
0 likes
ज़िन्दगी मुश्किल बहुत है आप हैं हासिल बहुत है
Saarthi Baidyanath
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saarthi Baidyanath.
Similar Moods
More moods that pair well with Saarthi Baidyanath's sher.







