तुम्हारी याद में सागर मिरी आँखों से बहते हैं मुहब्बत में मिरी जाना हम इतना दर्द सहते हैं
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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इज़हारों पर पर्दा डालो इश्क़ उतारो सर से अपने वरना इक दिन मरना तुम को जीने से आसान लगेगा
Ravi 'VEER'
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खा गई ये वक़्त सारा दो पहर की नौकरी मन नहीं होता मगर ये नौकरी करनी भी है
Ravi 'VEER'
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आँखों में जिस के सच्चाई देखो उस में खो जाना लब से पहले जो चू में माथे को उस के हो जाना
Ravi 'VEER'
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करे मिलने मिलाने की ही अब जद्दोजहद भी क्यूँ निभाए जो न जाए तो करें ऐसे अहद भी क्यूँ मिले ख़ैरात में गर इश्क़ तो मंज़ूर नफ़रत है दिलों में है ज़हर तो फिर ज़बाँ पर है शहद भी क्यूँ
Ravi 'VEER'
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अक्सर इक पल में आँगन से जैसे चिड़िया उड़ जाती है ख़्वाब अधूरे रह जाते हैं मेरी निंदिया उड़ जाती है
Ravi 'VEER'
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