तुम्हें मैं दिल में रखता हूँ तुम्हें धड़कन बना लूँगा सुनहरी मैं फ़सल तुम को सुनो तिलहन बना लूँगा कि मेरे नाम की मेंहदी तुम्हारे हाथ में चमके मेरी माँ मान जाए तो तुम्हें दुल्हन बना लूँगा
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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नज़र से नज़र को मिलाओ तो जानूँ लबो पे लबो को सजाओ तो जानूँ अगर मुझ से करते हो इतनी मोहब्बत मोहब्बत मैं मर कर दिखाओ तो जानूँ
Krishnavat Ritesh
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ये सावन ,माह ये ज़ुल्मी जवानी ज़माने बा'द सब कच्चा लगेगा
Krishnavat Ritesh
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मेरे मालिक मेरे मौला तेरा बस इक सहारा हो जहाँ को जीत लाऊँ मैं तेरा बस इक इशारा हो
Krishnavat Ritesh
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हादसा ये देख कर के डर गया है अब ज़माने से मिरा मन भर गया है
Krishnavat Ritesh
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गीत ग़ज़ल हो या हो इबादत मेरे से बेहतर कौन करेगा
Krishnavat Ritesh
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