उन्हें दिल तख़्त पे बैठा चुके हैं अँगूठी फिर भी वो लौटा चुके हैं सड़क अब गाँव तक तो आ चुकी है मगर इस गाँव से सब जा चुके हैं
Related Sher
बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
141 likes
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
More from Kush Pandey ' Saarang '
ज़बाँ में चाशनी रखने लगे हम यही दस्तूर है दुनिया का साहब
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
किसी काफ़िले के न पीछे चलेंगे चलेंगे तो मर्ज़ी से आगे चलेंगे
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
ज़माने से जुदा लगते हुए हम मिलेंगे आप से हँसते हुए हम हमारे सामने से ही गया वो खड़े थे हाथ को मलते हुए हम
Kush Pandey ' Saarang '
1 likes
कभी भी जिस्म की बातें बदन का जिक्र ना होगा सो ऐ लड़की ग़ज़ल को तुम कभी डर कर नहीं पढ़ना अगर मैं सेज दिल का कह रहा हूँ, इस ग़ज़ल में तो उसे दिल सेज ही पढ़ना कभी बिस्तर नहीं पढ़ना
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
सफल केवल समझता हूँ उसी को खिला दे रोटियाँ जो हर किसी को समझ में ये नहीं आता मुझे बस ख़ुदा ने क्यूँँ बनाया बेबसी को
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kush Pandey ' Saarang '.
Similar Moods
More moods that pair well with Kush Pandey ' Saarang ''s sher.







