wo ayaadat ko to aaya tha magar jate hue apni taswiren bhi kamre se utha kar le gaya
Related Sher
हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
157 likes
पूछ लेते वो बस मिज़ाज मिरा कितना आसान था इलाज मिरा
Fahmi Badayuni
150 likes
वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
117 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
हाथ ख़ाली है तेरे शहर से जाते जाते जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
Rahat Indori
118 likes
More from Arsh Siddiqui
ज़िंदगी भर यूँँ मेरे दिल को दुखाया था बहुत क़ब्र पर आया है वो मुझ से मुआ'फ़ी के लिए
0 likes
ज़िंदगी भर मैं बोलूँगा तुझ को इश्क़ का यूँँ दग़ाबाज़ है तू
0 likes
तेरे हुस्न को ग़ौर से देखने पर जानाँ सच में कहूँ तो ज़ेहन भटकने लगता है
0 likes
तू मेरी ज़िंदगी है तू है जिगर की धड़कन क्या करूँँगा मैं यहाँ जी के सनम तेरे बिना
0 likes
याद करूँँगा इतनी शिद्दत से रब को मैं मेरी इबादत से तेरा चेहरा निखरेगा
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Arsh Siddiqui.
Similar Moods
More moods that pair well with Arsh Siddiqui's sher.







