वो ही चेहरा वो ही आँखें वो ही दस्त-ओ-बाज़ू दर-ओ-दीवार न बदली न ही वो घर मेरा
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उस सेे कहो इक बार मेरा नाम पुकारे उस के बिना साँसों का रिदम टूट रहा है
Ankit Maurya
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तू भी कब मेरे मुताबिक मुझे दुख दे पाया किस ने भरना था ये पैमाना अगर ख़ाली था एक दुख ये कि तू मिलने नहीं आया मुझ सेे एक दुख ये है उस दिन मेरा घर ख़ाली था
Tehzeeb Hafi
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा न था सामने बैठा था मेरे और वो मेरा न था
Adeem Hashmi
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आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ
Rehman Faris
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किस तरह पूछूँ वो कहाँ है कैसा है अब माँ की बातें शोर लगती हैं उसे
Sanjay Bhat
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यूँँ तो ख़ामोश हूँ पर बात मैं भी करता हूँ मैं समुंदर हूँ ख़लल वक़्त पे ही करता हूँ
Sanjay Bhat
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ज़िन्दगी चल नज़र खोल के चल दिल में ईमान को घोल के चल दोस्त हर कोई फिर तेरा होगा प्यार से सब से तू बोल के चल
Sanjay Bhat
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था जुनूँ दिल में असर जाने तक दिल की दिल में रही नक़्स आने तक
Sanjay Bhat
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मंज़िलों की प्यास है ये ज़िंदगी तेरी मेरी आस है ये ज़िंदगी इस सफ़र में ख़ार भी हैं गुल के साथ फिर भी कितनी ख़ास है ये ज़िंदगी
Sanjay Bhat
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