वो न आएगा हमें मालूम था इस शाम भी इंतिज़ार उस का मगर कुछ सोच कर करते रहे
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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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उस को भुला कर मुझ को ये मालूम हुआ आदत कैसी भी हो छोड़ी जा सकती है
Nadeem Shaad
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मर भी जाऊँ तो कहाँ लोग भुला ही देंगे लफ़्ज़ मेरे मेरे होने की गवाही देंगे
Parveen Shakir
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उस से इक बार तो रूठूँ मैं उसी की मानिंद और मेरी तरह से वो मुझ को मनाने आए
Parveen Shakir
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कल रात जो ईंधन के लिए कट के गिरा है चिड़ियों को बहुत प्यार था उस बूढे शजर से
Parveen Shakir
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ये क्या कि वो जब चाहे मुझे छीन ले मुझ से अपने लिए वो शख़्स तड़पता भी तो देखूँ
Parveen Shakir
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दुख तो ऐसा है कि दिल आँख से कट कट के बहे एक वा'दा है कि रोने नहीं देता मुझ को
Parveen Shakir
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