जो मरजाते हैं मरते थोड़ी हैं वो तो बस बच जाते हैं जीने से अब वो बात नहीं है इस दारू में अब बस कड़वी लगती है पीने से
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
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उसे जाना था तो जाने दिया रोका नहीं मैं ने ज़बरदस्ती का रिश्ता अब मुझे उस सेे नहीं रखना
Vikas Shah musafir
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समझा कर वो दोस्त थी मेरी जैसे कि वो अब दोस्त तेरा है
Vikas Shah musafir
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मेरे वालिद पे क़र्ज़ा था मेरी ता'लीम को ले कर उसी लाला का अब मुझ को तो कर्ज़ा भी चुकाना है
Vikas Shah musafir
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जो अस्ली ग़ज़ल है यही है "ग़ज़ल" वो मगर ये "ग़ज़ल" जो है अस्ली नहीं है
Vikas Shah musafir
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मुझ को भी ऐसी आँख अता कर मेरे ख़ुदा अंधा हो कर भी मुझ को ये नज़्ज़ारगी मिले
Vikas Shah musafir
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