यतीमों का ख़ुदा ने घर बसाया है गरीबों को भी उन का हक़ दिलाया है ज़ुलैख़ा की तरह तू माँग मौला से जिसे दिल की तिजोरी में छुपाया है
Related Sher
ख़ुदा की शा'इरी होती है औरत जिसे पैरों तले रौंदा गया है तुम्हें दिल के चले जाने पे क्या ग़म तुम्हारा कौन सा अपना गया है
Ali Zaryoun
63 likes
फिर एक रोज़ मुक़द्दर से हार मानी गई ज़बीन चूम के बोला गया "ख़ुदा हाफ़िज़"
Afkar Alvi
58 likes
मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है
Unknown
58 likes
ले कर ख़ुदा का नाम जो इक बे-क़ुसूर को शैतान कह रहा है ये शैतान कौन है
nakul kumar
43 likes
तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं सफ़ेद बाल हुए हैं हमारा ख़ून नहीं न हम ही लौंडे लपाड़ी न कच्ची उम्र का वो ये सोचा समझा हुआ इश्क़ है जुनून नहीं
Shamim Abbas
38 likes
More from Saba Rao
गुलों की ख़ुशबू से महकी अदा हूँ मैं यूँँ काँटों में बिखर के आम हो जाऊँ वफ़ादारी मोहब्बत में निभा ले तू बड़ी शिद्दत से मैं बदनाम हो जाऊँ
Saba Rao
0 likes
तिरे कहने पे क्या मैं आम हो जाऊँ बिना ही बात के नीलाम हो जाऊँ
Saba Rao
0 likes
नाम से अब मिरे महफ़िल भी सजाने वो लगा फिर भरी महफ़िलों में नज़रें चुराने वो लगा छोड़ के आज मुझे ग़म के घराने में वो अपना अहबाब किसी और को बनाने वो लगा
Saba Rao
0 likes
सनम जिस दर्द-ए-दिल में मुब्तला है तू मैं ऐसे दर्द-ए-दिल की बाम हो जाऊँ
Saba Rao
0 likes
बड़ी प्यारी रही क़ुर्बत की ये दूरी मोहब्बत में तिरी गुमनाम हो जाऊँ
Saba Rao
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saba Rao.
Similar Moods
More moods that pair well with Saba Rao's sher.







