ये अश्क-ओ-दर्द ये सब्र-ओ-क़रार खो दूँगा मैं तेरे हिज्र की लज़्ज़त भी यार खो दूँगा रहे ये सब्र सलामत मुझे तो डर ये है मैं तुझ को पा के तेरा इंतिज़ार खो दूँगा
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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सब्र आने की देर है वरना तू भी दिल से उतर ही जाएगा
Wajid Husain Sahil
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ये जहाँ प्यार ही से रौशन है कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता प्यार की एक उम्र होती है प्यार का एक दिन नहीं होता
Wajid Husain Sahil
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कुछ देर तो रहा वो निगाहों के सामने फिर यूँँ हुआ कि मुझ में ही तहलील हो गया
Wajid Husain Sahil
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ज्ञान पर अभिमान का जो इक उदाहरण हो गया और फिर अपने पतन का ख़ुद ही कारण हो गया क्या अजब इस में कि इक रावण था जो ज्ञानी हुआ पर अजब तो ये है इक ज्ञानी भी रावण हो गया
Wajid Husain Sahil
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हाट इक रोज़ मेरे गाँव का आ कर देखो यहाॅं फ़्रीज़र नहीं मिट्टी के घड़े मिलते हैं
Wajid Husain Sahil
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