ये नहीं हैं शब्द केवल जो भी तुम ये सुन रही सिर्फ़ लिखते ही नहीं अब, बोलते हम हैं तुझे
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम तो कहते थे कि मैं रोता नहीं हूँ कब से इतना मुस्कुराया जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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अब जिगर में दर्द है तो दर्द होने दीजिए आप लड़के को बदल कर मर्द होने दीजिए
Divya 'Kumar Sahab'
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चले जो साथ ऑटो में वो गाड़ी में चलेगी फिर कभी जो सूट में थी साथ साड़ी में चलेगी फिर
Divya 'Kumar Sahab'
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हम जगत की इस तुला में तौलते हैं लोगों को सिर्फ़ इस दिल की तुला में, तौलते हम हैं तुझे
Divya 'Kumar Sahab'
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मैं भरोसे को बचाने पर तुला हूँ वो बहानों पर उतरता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
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