ये वही हाथ है जो था में गए लब वही है ये जो थे चू में गए दिल की बस्ती यही थी यारों जहाँ हम सर-ए-आम कभी लूटे गए
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये रब्त कब मिटे है यूँँ मिटाने से ये आग है जो बढ़ती है बुझाने से
Rohan Hamirpuriya
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ये हँसने गाने वाले लोग तस्वीरों में रह जाऍंगे
Rohan Hamirpuriya
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दुनिया ने तस्लीम किया जब फ़न अपना घर पे जमघट रहता है मेहमानों का
Rohan Hamirpuriya
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याद नहीं आती है उस को मेरी अब मगर देखे हैं पत्थर के दिल मैं ने पिघलते हुए
Rohan Hamirpuriya
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इस में मुनाफ़ा हर दम है ऐसा ख़सारा है दोस्ती
Rohan Hamirpuriya
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