ज़िस्त की जान जाते भी देखा हूँ मैं मौत को साँस आते भी देखा हूँ मैं सब तो हँसते ही हैं मेरे हालात पे दर्द को मुस्कुराते भी देखा हूँ मैं
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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उड़ानें ऊंँची भरते हैं वो जिन के पर नहीं होते जो अक्सर घर बनाते हैं उन्हीं के घर नहीं होते
SHIV SAFAR
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ख़ुशियाँ तो क्या ही देंगी मसर्रात के सिवा ग़म से मिलो वो देगा तजर्बे नए नए
SHIV SAFAR
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रह जाएगा ये दीद-ए-असद ख़्वाब ही ‘सफ़र’ ‘ग़ालिब’ के दौर में जो न जन्में तो अब मरो
SHIV SAFAR
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सुना है बा'द मरने के सभी अच्छा बताते हैं मुझे भी सबके होंठों से मेरी ता'रीफ़ सुननी है
SHIV SAFAR
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ये दुनिया जो अपनों को भी याद नहीं अब करती है मुझ को याद रखेगी इस उम्मीद पे ही दम तोड़ा हूँ
SHIV SAFAR
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