अब तो तारीफ़ के बँधेंगे पुल माँ ने छेड़ी हैं लाल की बातें
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
More from Rehan Umar
जो इस को मज़हब से जोड़े ये उस की नादानी है उर्दू का कोई धर्म नहीं है उर्दू हिंदुस्तानी है
Rehan Umar
5 likes
पूरी कर तब उस की माँग जब वो भर दे तेरी माँग
Rehan Umar
9 likes
नीड जिस की है वो नहीं मौजूद अच्छे मौसम का क्या करे कोई
Rehan Umar
9 likes
जिस जगह से इधर उधर हुए हम रोज़ जाता है उस जगह कोई
Rehan Umar
8 likes
हमें अपनी नहीं परवाह कोई पड़ोसी बढ़ रहा है गड़ रहा है
Rehan Umar
11 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rehan Umar.
Similar Moods
More moods that pair well with Rehan Umar's sher.







