ai adam ke musafiro hoshiyar rah mein zindagi khadi hogi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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एक वा'दा है किसी का जो वफ़ा होता नहीं वर्ना इन तारों भरी रातों में क्या होता नहीं
Saghar Siddiqui
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दो चार दिन की बात है ये ज़िंदगी की बात दो चार दिन के प्यार का क़ाइल नहीं हूँ दोस्त
Saghar Siddiqui
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ऐ सितारों के चाहने वालो आँसुओं के चराग़ हाज़िर हैं रौनक़-ए-जश्न-ए-रंग-ओ-बू के लिए ज़ख़्म हाज़िर हैं दाग़ हाज़िर हैं
Saghar Siddiqui
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है दुआ याद मगर हर्फ़-ए-दुआ याद नहीं मेरे नग़्मात को अंदाज़-ए-नवा याद नहीं
Saghar Siddiqui
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हम फ़क़ीरों की सूरतों पे न जा हम कई रूप धार लेते हैं ज़िंदगी के उदास लम्हों को मुस्कुरा कर गुज़ार लेते हैं
Saghar Siddiqui
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