ai khizan bhag ja chaman se shitab warna fauj-e-bahaar aawe hai
Related Sher
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
वरना तो बे-वफ़ाई किसे कब मुआ'फ़ है तू मेरी जान है तो तुझे सब मुआ'फ़ है
Vikram Gaur Vairagi
62 likes
या तो भरम बना रहे इतना ख़ुदा करे इनकार अपने होने से वरना ख़ुदा करे मुश्किल है मेरा काम तो मिल बाँटकर करें आधा करा दें राम जी आधा ख़ुदा करे
Vineet Aashna
36 likes
ये उस की मोहब्बत है कि रुकता है तेरे पास वरना तेरी दौलत के सिवा क्या है तेरे पास
Zia Mazkoor
88 likes
माँ-बाबा का सोच के हर दम रुक जाता हूँ वरना तो इतने ग़म में मैं ने पंखे से टंग कर मर जाना था
Shashwat Singh Darpan
29 likes
More from Shaikh Zahuruddin Hatim
होली के अब बहाने छिड़का है रंग किस ने नाम-ए-ख़ुदा तुझ ऊपर इस आन अजब समाँ है
Shaikh Zahuruddin Hatim
17 likes
मुहय्या सब है अब अस्बाब-ए-होली उठो यारो भरो रंगों से झोली
Shaikh Zahuruddin Hatim
21 likes
जी उठूँ फिर कर अगर तू एक बोसा दे मुझे चूसना लब का तिरे है मुझ को जूँ आब-ए-हयात
Shaikh Zahuruddin Hatim
21 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shaikh Zahuruddin Hatim.
Similar Moods
More moods that pair well with Shaikh Zahuruddin Hatim's sher.







