अपने सीने से लगाकर जो तेरा ग़म रक्खा दिल की मिट्टी को हमेशा ही मुलायम रक्खा
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके मेरा दिल भी जैसे पाकिस्तान है सब हुकूमत कर के बाहर जा चुके
Tehzeeb Hafi
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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तुम ने होंटों पे तबस्सुम जो सजा रक्खा है होश मग़रूर गुलाबों का उड़ा रक्खा है
Nirmal Nadeem
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इसीलिए तो हिफ़ाज़त में बैठा रहता हूँ मेरे बदन में कोई नीम जान रहता है
Nirmal Nadeem
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तेरे होंटों से छलकती है किरन सूरज की तेरे हँसने से मेरी सुब्ह चमक उठती है
Nirmal Nadeem
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जान से जाते रहे जान से जाना न गया दिल गया इश्क़ में पर दिल का लगाना न गया
Nirmal Nadeem
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मैं दर्द की ज़मीं पे गुहर ढूँढ़ता रहा वो आई और इश्क़ का इज़हार कर गई
Nirmal Nadeem
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