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अपने हुजरे में पड़ा रहता है चुप-चाप 'अंचल' लोग आवाज़ पे आवाज़ दिया करते हैं

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

Jaun Elia

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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है

Faiz Ahmad Faiz

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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

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यारों मैं भीम भी तो हुआ करता था मगर पंछी की आँख ने मुझे अर्जुन बना दिया

Anchal Maurya

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उन से कह दो के वो अब बाम पे आया न करें कितने लोगों को वो बर्बाद किया करते हैं

Anchal Maurya

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सनम तेरे गुलाबी गाल अब उस को मुबारक हो वो तेरे होंठ जो थे लाल अब उस को मुबारक हो यही था आख़िरी पल जो गुज़ारा साथ में 'अंचल' नई दुनिया नया ये साल अब उस को मुबारक हो

Anchal Maurya

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कहूँ क्या हाल तेरी बे-वफ़ाई का तनिक भी ग़म नहीं मुझ सेे ज़ुदाई का दिया था माँ ने जो तुझ को बहू कह कर कहाँ है यार वो कंगन कलाई का

Anchal Maurya

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इस दुनिया से अभी किनारा करते हैं ख़ुद को हम फिर से आवारा करते हैं कब तक दिल का दर्द सहा जाए 'अंचल' यार मुहब्बत चलो दुबारा करते हैं

Anchal Maurya

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