अपनी आँखों का इंतिख़ाब पढ़ूँ नींद आए तो कोई ख़्वाब पढ़ूँ
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बात ही कब किसी की मानी है अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी ये कलाई ये जिस्म और ये कमर तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी
Jaun Elia
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है
Munawwar Rana
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रंग की अपनी बात है वर्ना आख़िरश ख़ून भी तो पानी है
Jaun Elia
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यूँँ इन आँखों को तड़पने की सज़ा दी उस ने अपनी तस्वीर ही डीपी से हटा दी उस ने
Wajid Husain Sahil
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नया कुछ कर दिखाने का इरादा टूट जाता है किसी बच्चे के हाथों जब खिलौना टूट जाता है
Wajid Husain Sahil
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वो हाथों से निकलते जा रहे हैं जिन्हें सर पे बिठाना चाहता हूँ
Wajid Husain Sahil
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वो फिर सताने लगे याद हम को आ कर के जिन्हें भुलाया था हम ने खु़दा- ख़ुदा कर के
Wajid Husain Sahil
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मुझ से वो बोलता नहीं लेकिन मेरे बारे में बोलता है बहुत
Wajid Husain Sahil
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