और कम याद आओगी अगले बरस तुम अब के कम याद आई हो पिछले बरस से
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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ये वही हूँ मैं वो ही हारा हुआ फिर वही दिन है वो गुज़ारा हुआ कैसे अपनी तरफ़ चला आया मैं किसी और का पुकारा हुआ
Swapnil Tiwari
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वो जो पागल था अब वो कैसा है ऐसे वो पूछता है हाल मेरा
Swapnil Tiwari
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जलते दिए सा इक बोसा रख कर उस ने चमक बढ़ा दी है मेरी पेशानी की
Swapnil Tiwari
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ये ज़िंदगी जो पुकारे तो शक सा होता है कहीं अभी तो मुझे ख़ुद-कुशी नहीं करनी
Swapnil Tiwari
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मिरी सुब्ह का यूँँ भी इज़हार हो पियाला हो कॉफ़ी का अख़बार हो कोई जुर्म साबित न हो उस का फिर जो तेरी हँसी में गिरफ़्तार हो
Swapnil Tiwari
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