बहुत थी भीड़ मगर उस पे ध्यान जा रहा था वो मेरी जीत पे ताली नहीं बजा रहा था न चाहते हुए भी लौटना पड़ा मुझ को वो पहली बार मुझे नाम से बुला रहा था
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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इक अव्वल दर्जे का पाक इक माहिर है मन तो तुझ में रमता है दिल काफ़िर फिर है अपनी सोचो क़त्ल तुम्हें करना भी है बन्दे का तो क्या है बन्दा हाज़िर है
Vikram Gaur Vairagi
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टूटी चीज़ों को बदल देना था बेहतर वरना तू अगर चाहता दोबारा बना लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
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कूज़ा-गर मिल गया तो पूछूँगा मेरी मिट्टी कहाँ से लाया था
Vikram Gaur Vairagi
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ज़िंदा रहने के तरीक़े न बताओ मुझ को ज़िंदा रखना है तो फिर आओ बचाओ मुझ को
Vikram Gaur Vairagi
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टूटी चीज़ों को बदल दें था बेहतर वरना तू जो चाहता तो दोबारा बना लेता हमें इस तरह रोते हैं याद करते हुए हम तुझे जैसे तू होता तो सीने से लगा लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
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