बहन ने बाँध कर राखी जताया प्यार राखी का बरस के बा'द आया फिर ये अब त्योहार राखी का चमन से फूल लाओ या ले आओ शाख़ ही कोई बहन के बाँधने से बनता है ये हार राखी का
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
Varun Anand
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लौट कर नहीं आता कब्र से कोई लेकिन प्यार करने वालों को इंतिज़ार रहता है
Shabeena Adeeb
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं पेड़ का रूप धार लूँगा मैं तू निशाने पे आ भी जाए अगर कौन सा तीर मार लूँगा मैं
Tehzeeb Hafi
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यही तो बात है 'रौनक' यहाँ तो दर्द रहता है यहाँ तो यार तेरा आँख भी अख़गर बदलता है
Raunak Karn
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ज़मीं भी सूख जाती है हमारे ही दिलों की यूँँ हमें देखे तरस तो फिर तरस को भी तरस आए
Raunak Karn
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यहाँ बिसयार मेरे यार बैठे हैं सही बोला यहाँ दिलदार बैठे हैं हमें सिगरेट आता है जलाना अब गया है लग पता कर प्यार बैठे हैं
Raunak Karn
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हमें कल देख टी वी पर भला क्या सोच रोओगी यही बस सोच दिल से यार ये मलबा उतर आया
Raunak Karn
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कभी कंघी कभी क्लीपे कभी सम्पू कभी साबुन अरे अब यार कितना ही यहाँ ख़र्चा उतर आया
Raunak Karn
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