बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका
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इत्तिफ़ाक़ अपनी जगह ख़ुश-क़िस्मती अपनी जगह ख़ुद बनाता है जहाँ में आदमी अपनी जगह
Anwar Shaoor
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इसी से जान गया मैं कि बख़्त ढलने लगे मैं थक के छाँव में बैठा तो पेड़ चलने लगे मैं दे रहा था सहारे तो इक हुजूम में था जो गिर पड़ा तो सभी रास्ता बदलने लगे
Farhat Abbas Shah
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मिलने का वा'दा उन के तो मुँह से निकल गया पूछी जगह जो मैं ने कहा हँस के ख़्वाब में
Unknown
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अपने हाथों की लकीरें न बदलने पाई ख़ुश-नसीबों से बहुत हाथ मिलाए मैं ने
Nusrat Siddiqui
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चाँद चेहरा ज़ुल्फ़ दरिया बात ख़ुशबू दिल चमन इक तुम्हें दे कर ख़ुदा ने दे दिया क्या क्या मुझे
Bashir Badr
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हद से टकराती है जो शय वो पलटती है ज़रूर ख़ुद भी रोएँगे ग़रीबों को रुलाने वाले
Arzoo Lakhnavi
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जो दिल रखते हैं सीने में वो काफ़िर हो नहीं सकते मोहब्बत दीन होती है वफ़ा ईमान होती है
Arzoo Lakhnavi
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दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया
Arzoo Lakhnavi
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किस काम की ऐसी सच्चाई जो तोड़ दे उम्मीदें दिल की थोड़ी सी तसल्ली हो तो गई माना कि वो बोल के झूट गया
Arzoo Lakhnavi
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मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत जहाँ तक कोई अहद-ओ-पैमाँ नहीं है
Arzoo Lakhnavi
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