चाहे तो कोशिश कर लो दावा है भूल न पाओगी जब भी ज़िक्र-ए-वफ़ा होगा तुम मेरे शे'र सुनाओगी
Related Sher
आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है
Waseem Barelvi
78 likes
भूलभुलैया था उन ज़ुल्फ़ों में लेकिन हम को उस में अपनी राहें दिखती थीं आप की आँखों को देखा तो इल्म हुआ क्यूँँ अर्जुन को केवल आँखें दिखती थीं
Ashraf Jahangeer
63 likes
उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे वो मिरा होने से ज़्यादा मुझे पाना चाहे
Kumar Vishwas
62 likes
याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है
Jamal Ehsani
54 likes
मुझे अँधेरे से बात करनी है सो करा दो, दिया बुझा दो कुछ एक लम्हों को रौशनी का गला दबा दो, दिया बुझा दो रिवाज़-ए-महफ़िल निभा रहा हूँ बता रहा हूँ मैं जा रहा हूँ मुझे विदा दो, जो रोना चाहे उन्हें बुला दो, दिया बुझा दो
Vikram Gaur Vairagi
52 likes
More from Harsh saxena
हासिल न कर पाया तुझे मैं मिन्नतों के बा'द भी उम्मीद सेंटा से लगाना लाज़मी भी है मिरा
Harsh saxena
1 likes
'हर्ष' वस्ल में जितनी मर्ज़ी शे'र कह लो तुम हिज्र के बिना इन में जान आ नहीं सकती
Harsh saxena
2 likes
इक नज़र उस चेहरे की देखी है जब से यार मुँह उतरा हुआ है रौशनी का
Harsh saxena
4 likes
बर्बादी की पहुँच गया हूँ उस कगार पर दीवाना हो चुका हूँ मैं अल्ताफ़ का जहाँ
Harsh saxena
3 likes
तुम भला उस प्रेम की गहराई क्या समझोगे जानाँ जो कभी ख़्वाबों में भी अपनी न सरहद लाँघता है
Harsh saxena
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harsh saxena.
Similar Moods
More moods that pair well with Harsh saxena's sher.







