ek din puchha na 'hatim' ko kabhu us ne ki dost kab se tu bimar hai aur kya tujhe aazar hai
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आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक़ है
Charagh Sharma
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होली के अब बहाने छिड़का है रंग किस ने नाम-ए-ख़ुदा तुझ ऊपर इस आन अजब समाँ है
Shaikh Zahuruddin Hatim
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मुहय्या सब है अब अस्बाब-ए-होली उठो यारो भरो रंगों से झोली
Shaikh Zahuruddin Hatim
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जी उठूँ फिर कर अगर तू एक बोसा दे मुझे चूसना लब का तिरे है मुझ को जूँ आब-ए-हयात
Shaikh Zahuruddin Hatim
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