एक दुख ये के तू मिलने नहीं आया मुझ सेे एक दुख ये के उस दिन मेरा घर ख़ाली था
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
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सहरा से हो के बाग़ में आया हूँ सैर को हाथों में फूल हैं मेरे पाँव में रेत है
Tehzeeb Hafi
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चेहरा देखें तेरे होंट और पलकें देखें दिल पे आँखें रक्खें तेरी साँसें देखें
Tehzeeb Hafi
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मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
Tehzeeb Hafi
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टूट भी जाऊँ तो तेरा क्या है रेत से पूछ आइना क्या है फिर मेरे सामने उसी का ज़िक्र आप के साथ मसअला क्या है
Tehzeeb Hafi
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वो जिस की छाँव में पच्चीस साल गुज़रे हैं वो पेड़ मुझ से कोई बात क्यूँँ नहीं करता
Tehzeeb Hafi
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