ek hathi ek raja ek rani ke baghair nind bachchon ko nahin aati kahani ke baghair
sherKuch Alfaaz
Related Sher
पुरानी कश्ती को पार ले कर फ़क़त हमारा हुनर गया है नए खेवइये कहीं न समझें नदी का पानी उतर गया है
Uday Pratap Singh
41 likes
जीत ले दुनिया को बिन हथियार के कृष्ण की बंसी में ऐसे राग हैं
Alankrat Srivastava
10 likes
इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में वीरानी होती है तो हैरानी होती है
Afzal Khan
24 likes
दहशत-गर्दी फैल रही है अब मज़हब के नारों से लोगों को मारा जाता है गोली से हथियारों से कौन है रहबर कौन है रहज़न सब को ख़बर है 'दानिश' अब क़ातिल को ताक़त मिलती है सत्ता के गलियारों से
Danish Balliavi
16 likes
पुरानी चैट देती है तसल्ली कभी हम भी अमानत थे किसी की
Harsh saxena
10 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Maqsood Bastavi.
Similar Moods
More moods that pair well with Maqsood Bastavi's sher.







