इक जहाँ फिर बसा के देखूँगा दिल कहीं और लगा के देखूँगा रास आने लगेगी तन्हाई दिल ख़ुशी से बचा के देखूँगा
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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उस के जैसों की होती है दुनिया हम जैसों का तो कमरा होता है
Prakamyan Gautam
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वो सब जो बस तुम से कहना था मुझ को कहता फिरता हूँ पूरी दुनिया से मैं
Prakamyan Gautam
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फूल नहीं है यार कली है भोली भाली और भली है
Prakamyan Gautam
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शाम ढले ही आ जाता हूँ उस की यादें घर है मेरा
Prakamyan Gautam
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ये लो दिल और दिमाग़ तुम्हारा जानेमन अब बाक़ी क्या है और हमारा जानेमन
Prakamyan Gautam
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