ek mohabbat aur wo bhi nakaam mohabbat lekin is se kaam chalaya ja sakta hai
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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क्या तमाशा है कि सब मुझ को बुरा कहते हैं और सब चाहते हैं मेरी तरह का होना
Abbas Tabish
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कोई अंदर की घुटन का भी इलाज गालियाँ काग़ज़ पे लिख कर फेंक दे
Abbas Tabish
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मैं अपने आप में गहरा उतर गया शायद मिरे सफ़र से अलग हो गई रवानी मिरी
Abbas Tabish
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देख कैसे धुल गए है गिर्या-ओ-ज़ारी के बा'द आसमाँ बारिश के बा'द और मैं अज़ादारी के बा'द इस सेे बढ़ कर तो तुझे कोई हुनर आता नहीं सोचता हूँ क्या करेगा दिल आज़ारी के बा'द
Abbas Tabish
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मैं तो ऐ इश्क़ तेरी कूज़ा-गरी जानता हूँ तू ने हम दो को मिलाया तो बना एक ही शख़्स
Abbas Tabish
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