हम किसी को राह में कुछ देर भी तक लें अगर पागलों को जो मिले तो सब के सब पागल मिले
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
More from nakul kumar
कुछ नहीं है ज़िंदगी बर्बाद है अब तो मर गया हूँ मैं मुहब्बत को मनाने में कैसे भी गर हो सके मुझ को रिहा कर दे रह नहीं सकता मैं अब इस क़ैद-ख़ाने में
nakul kumar
1 likes
जी भर गया है अब तो जी भर चाहने वालों से भाग रहा हूँ मैं भी मुझ सेे भागने वालों से
nakul kumar
1 likes
मैं न कहती हूँ कि लाओ चाँद तारे तोड़कर बस मुझे इस हाल में ऐसे न जाओ छोड़कर तुम जो हरदम ही मुझे जान-ओ-जहाँ कहते रहे जा रहे हो ज़िंदगी से क्यूँँ भला मुँह मोड़कर
nakul kumar
3 likes
इसी ख़ातिर तुझे मिलता नहीं मैं आजकल अक्सर मुझे मालूम है ये मन तिरा भर जाएगा मुझ सेे
nakul kumar
3 likes
अब तो होने से रहा जज़्बात पे क़ाबू एक बुलबुल ने कहा है बाज को बाबू घर से निकले हैं मगर राहें नहीं देखीं पत्थरों में ढूँढ़ते फिरते हैं जो आबू
nakul kumar
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on nakul kumar.
Similar Moods
More moods that pair well with nakul kumar's sher.







