इक हसीं ख़्वाब कि आँखों से निकलता ही नहीं एक वहशत है कि ता'बीर हुई जाती है
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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ज़िंदगी में कभी किसी को भी मैं ने चाहा नहीं मगर तुम को
Ambreen Haseeb Ambar
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ऐ आ समाँ किस लिए इस दर्जा बरहमी हम ने तो तिरी सम्त इशारा नहीं किया
Ambreen Haseeb Ambar
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क्या ख़ूब तमाशा है ये कार-गह-ए-हस्ती हर जिस्म सलामत है हर ज़ात अधूरी है
Ambreen Haseeb Ambar
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मुझ में अब मैं नहीं रही बाक़ी मैं ने चाहा है इस क़दर तुम को
Ambreen Haseeb Ambar
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हम तो सुनते थे कि मिल जाते हैं बिछड़े हुए लोग तू जो बिछड़ा है तो क्या वक़्त ने गर्दिश नहीं की
Ambreen Haseeb Ambar
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