जान सुनो मैं फिर टूट जाऊॅंगा तुम फिर से कोई वा'दा करना
Related Sher
ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
173 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
201 likes
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
212 likes
मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
213 likes
More from Prakamyan Gautam
अगर वो हमें पास रख ले किसे ग़म कि फिर दास रख ले
Prakamyan Gautam
1 likes
वो सब जो बस तुम से कहना था मुझ को कहता फिरता हूँ पूरी दुनिया से मैं
Prakamyan Gautam
1 likes
ये पैरों की पायल, हाथों के कंगन पहनो पहनो बेहद अच्छे लगते हैं
Prakamyan Gautam
2 likes
फूल नहीं है यार कली है भोली भाली और भली है
Prakamyan Gautam
1 likes
शाम ढले ही आ जाता हूँ उस की यादें घर है मेरा
Prakamyan Gautam
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Prakamyan Gautam.
Similar Moods
More moods that pair well with Prakamyan Gautam's sher.







