जो देखते थे दुनिया मेरी आँखों से कभी ऑंखें वही दिखा रहे हैं मुझ को आजकल
Related Sher
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
More from AMAN RAJ SINHA
परेशानी कभी मेरी बिना बोले समझ जाओ ज़बाँ से हर दफ़ा बोलूँ ज़रूरी तो नहीं है ना
AMAN RAJ SINHA
2 likes
फिर मुहब्बत करने की जब सोची मैं ने यार फिर हिजरत की आई याद मुझ को
AMAN RAJ SINHA
5 likes
मैं ने भी जब दुनिया को उस की नज़र से देखा तो मुझ को भी ये दुनिया अब तो बे-वफ़ा ही लगती है
AMAN RAJ SINHA
8 likes
मरता नहीं है अब यहाँ कोई किसी के वास्ते था वक़्त जब वादों के ख़ातिर लोग मर तक जाते थे
AMAN RAJ SINHA
10 likes
कहो मुझ सेे बिछड़ कर भूल जाओगी बताओ भूल कर के क्या जी पाओगी है इक दिन में तुम्हारी तो ये हालत सो बिछड़ कर तो यक़ीनन मर ही जाओगी
AMAN RAJ SINHA
10 likes
Similar Writers
Our suggestions based on AMAN RAJ SINHA.
Similar Moods
More moods that pair well with AMAN RAJ SINHA's sher.







