जुर्म को नहीं पर मुझ को सज़ा मिली है ज़ीस्त के सफ़र में ख़ुद से वफ़ा मिली है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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वो खड़ा है ग़ैर की चौखट पे जो वो हमारे दिल के अंदर था कभी
Sibgatullah Anwer
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वो मेरी है वो मेरी है फ़क़त मेरी ये बात सारी दुनिया को बताती है
Sibgatullah Anwer
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वो जिसे तुम ने अभी फंदा कहा उस गले का श्रेष्ठ जेवर था कभी
Sibgatullah Anwer
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ये सड़क गर तुझे बेहद सताती है तो तू आ जा तुझे मैं अपने घर रख लूँ
Sibgatullah Anwer
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ख़्वाहिश हुई जो तिरे साए की तो फिर हम ने कड़ी धूप में ज़ुल्फ़ें ओढ़ लीं
Sibgatullah Anwer
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